गाड़ी हीरो होण्डा लाज्यो रे

एक बार एक छोरी हाळो ऊका संबन्ध क लेखै एक छोरा हाळा क गोडै जावै छै। अर छोरी न एस टी सी कर मैली छै अर उटि छोरा न बी एड कर मैली छै संबन्ध तय होयो पण फटफट्‍या को आकड़ो बीच म पस जावै छै। दोनी रिसता बीच हाळा न ऊ बात को भी समादान करद्‍यो। दोनी रिसता हाळा म सूं जो बी छोरो-छोरी

आपां चकरी म झुलंगा

आपां चकरी म झुलंगा री .............(2)

आपां ढोलर म झुलंगा.री..............(2)

लारां चालनै दापुड़ी अर रै रै…

कोनै चालुरै बजरंगा थारा दादा की म्हूं साळी।

ओ आपण दूद जलेबी खावां………2

ओ आपां गुलाब ज्यामुं खावां

लारां चालै न दापुड़ी…………॥

थोड़ा रूको न म्हारा इन्दरराजा

थोड़ा रुको न म्हारा इन्दरराजा कम बरसो न म्हारा इन्दर राजा……2

ज्यादा बरसो तो कस्यां काम करां घरां न बैठ्‍या बैठ्‍यां भुखा

मरां……………2

भीलवाड़ा‍ चितोड़ म बाड़ अणादी तिरवेणी मण्डल गढ म

जाम लगादी

पाली बीकानेर जोधपुर हलाद्‍यो बिसलपुर को दरवाजो खुलाद्‍यो।

बरस बरस म्हारा इन्दर राजा

बरस बरस म्हारा इन्दरराजा, तू बरस्ये म्हारो काज सरै ……2

माळ्यां का बाग म जोरसूं मत बरस जे, अरै कोयलड़ी सोर करें

बरस बरस म्हारा इन्दरराजा तू बरस्या म्हारो काज सरै ……2

जाटा का खेतां म जोरसूं बरस जे अन-धन का भन्डार भरै

म्हारी तीतरी

म्हारी तीतरी बल बल म्हारी तीतरी थारै वेल वेट को लेंगो लायो री म्हारी तीतरी…….2

वेल वेट का लेंगा की या फेसन चाली न्यारी, रेसम को कबजो या बनारस की साड़ी

अब तो लुगायां क, अब तो लुगायां क मांइ तीतरी तूइ तुइ दीखै री म्हारी तीतरी।

रंग मत डालै रै सावरियां

रंग मत डालै रै सावरियां म्हारो गुजर मारै रै रंग मत डालै रै ………2

मे गुजरी नादान यो गुजर मतवाळो रै रंग मत डालै रै ………2

होळी रे……………………।

डालो नही डालो रसिया, स्याम रंग रसीया, स्याम मन बसिया……….2

गांजो छोड़द्‍यो जी भोळानाथ

जे हो भोळा नाथ की…......2

एक दन गोरा पारवती सकंर भगवान सूं खैरी छै क सन्दी

दुनिया सूधरगी पण थां कोनै सूधर्या यो गांजो छोड़द्‍यो न्ह तो

म्हांरा पिहर न जारी छूं अर कदी बी दोबारा नाऊ री..............॥

अर रै रै गांजो छोडद्‍यो म्हारा भोळा लेरी छोड जाउंगी

सूणलै सूणलै रै पाकिस्तान

सूणलै सूणलै रै नवाज ऊंची मत कर तू आवाज………2

मत करै तू आवाज रै आदत सूं आजा बाज ……………2

सोया सेर जगावे मत रे मत कर नादानी

ये जाग्या पाछै खेर नही था बाबत हिन्दुस्तानी

बार बार मत करै कुचरण्यां…………………2

होगी थारै खाज

बणजारी गोरा हातां म

ईं भजन म एक कवि या बात कर्यो छै क एक बणजारी

पुरो सण्गार कर म्हारी आंख्या क आगै खडी तो ऊपै म्हनै एक

भजन सूरत आयो।

नाका म्हारी नतड़ी अर कजरारी आख्यां म जादु

कजरारी पलका म जादु होठा लाली तगड़ी

गोरा हाता म हायरे थारा हाता म

कोटा सूं तो कागज आयो री

कोटा सूं तो कागज आयो री, जा म्हारी कमला सासरै थारो पियो

लड़ैगो री, थारो पियो लड़ैगो री, छोरी थारो पियो लड़ैगोरी…………2

सरसूं क तो डोड्‍यां आगी जी, नइ कटै मारै बालमां थां ठेकै

देद्‍यो जी..॥

कोटा सूं तो कागज आयो री, जा म्हारी कमला सासरै थारो पियो