थोड़ा रुको न म्हारा इन्दरराजा कम बरसो न म्हारा इन्दर राजा……2

ज्यादा बरसो तो कस्यां काम करां घरां न बैठ्‍या बैठ्‍यां भुखा

मरां……………2

भीलवाड़ा‍ चितोड़ म बाड़ अणादी तिरवेणी मण्डल गढ म

जाम लगादी

पाली बीकानेर जोधपुर हलाद्‍यो बिसलपुर को दरवाजो खुलाद्‍यो।

घरा मांई एक हात पाणी भर्या

थोड़ा रूको न म्हारा इन्दरराजा कम बरसो न म्हारा इन्दरराजा

टेकटर टेम्पु बेगी मोटरा नन्दी नाळा म बैठ्‍यां छोकरां

घरा म बेठ्‍या बैठ्‍या धूजै डोकरा खाबा म तरसग्या

खेता माई फसला आढी पड़ी खास्तगारां की हालत बगड़ी

थोड़ा रूको न म्हारा इन्दरराजा कम बरसो न म्हारा इन्दरराजा

अस्यो आयो बाढ़ म्हारी गायां बेगी भूरी-भूरी भैंस्यां लेटी रैगी

कांकड़ म म्हारी लुगाइ रोती रैगी आयो हिलोड़ो म्हारी छेळ्यां

भेगी छोरा छोरी मळक्या फरै

थोड़ा रूको न म्हारा इन्दरराजा कम बरसो न म्हारा इन्दरराजा

काचा घर ढसै खोलुड़ा बैग्या खेतां रा मैंढक खेता म रैग्या

अस्यां हालात कदी कोनै देख्या एनीकट ताळाब फूट-फूट बेग्या

टूटै बांसड़ा माथै पड़ै आलो बळितो चूलो कोनै जळै

थोड़ा रूको न म्हारा इन्दरराजा कम बरसो न म्हारा इन्दरराजा