एक बार एक छोरी हाळो ऊका संबन्ध क लेखै एक छोरा हाळा क गोडै जावै छै। अर छोरी न एस टी सी कर मैली छै अर उटि छोरा न बी एड कर मैली छै संबन्ध तय होयो पण फटफट्‍या को आकड़ो बीच म पस जावै छै। दोनी रिसता बीच हाळा न ऊ बात को भी समादान करद्‍यो। दोनी रिसता हाळा म सूं जो बी छोरो-छोरी नोकरी लागै गो ऊ फटपट्‍यो न्ह द्‍य पण जो नोकरी न्ह लागै ऊ फटपट्‍यो देगो। अर ब्याव हो जाव छै, अर छोरी को पेंतीस अंका मई मासटरणी म नम्बर आजावै छै।छोरा न घणी कोसिस करी पण ऊ एक नम्बर सूं रै जाव छै। छोरी नतकेई पढाबा पगां-पगां जावै। एक दन वा छोरी ऊंका आदमी सूं खैबा लागी क म्हारा घर हाळा न या बात खी छी क जो पैली नोकरी लागगो ऊ तो न्ह पण जो नोकरी न्ह लागै ऊ फटपट्‍यो लावैगो। अब म्हूं नोकरी लागगी तो फटपट्‍यो थां लाओ। अर ओर कांई खै छै। ओ फटपट्यो हीरो होण्डा को लाज्यो रै म्हूं चाली डुटी प लेबा तूई आज्यो रै….2

अर तू आज्यो रै क सासू का अर तू आज्यो रै क फटफट्‍यो क फटफट्‍यो

हीरो होण्डा को लाज्यो रै म्हूं चाली डुटी प लेबा तूई आज्यो रै…………….2

ओर कांई खै छै।

क ओर काम तो तूई करली ज्यो पाणी नणद भरगी …………2

अर ससरो रान्दै राबड़ी रोटी सास करैगी ओ पीबा कोको कोला लाज्यो रै

म्‍हूं चाली डुटी प लेबा तूई आज्यो रै

ओ फटफट्यो हीरो होण्डा को लाज्यो रै म्हूं चाली डुटी प लेबा तूई आज्यो रै…….2

अर खाबा क लेखै सोंप सूंपारी लाज्यो रै म्हूं चाली डुटी प लेबा तूई आज्यो रै

अर तू आज्यो रै क सासू का अर तू आज्यो रै क फटफट्‍यो क फटफट्‍यो

हीरो होण्डा को लाज्यो रै म्हूं चाली डुटी प लेबा तूई आज्यो रै………2

अर एक दन कांई होवै ऊ छोरा को फटफट्‍यो पन्चर हो जावै तो छोरो बच्यार करै

क म्हारी लुगाई बाड नाळगी का आपण ऊकै फोन करद्‍या क पन्चर बणार थोड़ो

मोड़ो आऊं तू टेक्टर म मत आज्ये अर ऊ छोरो ऊंकी लुगाई का नम्बर मलार फोन

करै छै तो घन्टी कस्यां जावै

क टन टना टन टन टना टन जावै रै

मांथा निचअ कान क मुबाइल बाजअ रै

गन्टी टन टना टन आवै रै

मांथा निचै कान क मुबाइल बाजै रै

मुबाइल बाजै रै मुबाइल बाजै रै

ये कन्दा ऊपर साड़ी राखै हेलो हेलो बोलै

अर लाज सरम नई आवै अर साड़ी अटी उंटी डोलै

अर वातो अंगरेजी म बोलै रै

ओ फटपट्यो हीरो होण्डा को लाज्यो रै म्हूं चाली डुटी प लेबा तूई आज्यो रै……2

अस्यां म भाई लोगा सूं खैबो छै क पड़ो लिखो न्ह तो घर हाळी का लता कपड़ा धोणी पड़ैगा।

 

Author
Sanjay Singh