बरस बरस म्हारा इन्दरराजा, तू बरस्ये म्हारो काज सरै ……2

माळ्यां का बाग म जोरसूं मत बरस जे, अरै कोयलड़ी सोर करें

बरस बरस म्हारा इन्दरराजा तू बरस्या म्हारो काज सरै ……2

जाटा का खेतां म जोरसूं बरस जे अन-धन का भन्डार भरै

बरस बरस म्हारा इन्दरराजा तू बरस्या म्हारो काज सरै……2

गुजरां का खेतां आडी जोरसूं बरस जे हर्यो घास थारै डान्डा चरै

बरस बरस म्हारा इन्दरराजा तू बरस्या म्हारो काज सरै…….2

मारवाड़ री धरती प जोरसूं बरस जे अनिल सेन अरदास करें

बरस बरस म्हारा इन्दरराजा तू बरस्या म्हारो काज सरै……2

तुलसी राम गोड़ला गावे दोलत गरवा थळाजुं गावे

इन्दर देव मत देर करें………………………………………………………………2
बरस बरस म्हारा इन्दरराजा तू बरस्या म्हारो काज सरै…………2