ईं भजन म एक कवि या बात कर्यो छै क एक बणजारी
पुरो सण्गार कर म्हारी आंख्या क आगै खडी तो ऊपै म्हनै एक
भजन सूरत आयो।
नाका म्हारी नतड़ी अर कजरारी आख्यां म जादु
कजरारी पलका म जादु होठा लाली तगड़ी
गोरा हाता म हायरे थारा हाता म
कबजा ऊपर सूंवो मण्डा लाई ओढणी प मोर……2
ये गाम गमाळो लेगो परै गरीयाळा मसूर……….2
गोरा हातां म हायरे थारा हाता म
थारो चूड़ो बिजळा सा पटकै
जाझरीयो झणकारा मारै मोट्यारा मारै खटकै
लागै बणज्यारी अर लागै बणज्यारी
गोरा हातां म हायरे थारा हातां म
जवानी जोबण लेवै नन्दी सो ऊफाण…….2
आदा घुंघट म मुळकाग………………2
देगी रै मारै बाण
गोरा हातां म हायरे थारा हातां म
फूल हात रुपाळी लागै बणजारी
अरी लागै बणजारी मारै सालर बणजारी
गोरा हातां म हायरे थारा हाता म
थनै देखै बस को कण्डकटर टीकट काटबो भूल्यो……2
ऊ कुड़सी प फाटक प जा झूल्यो
गोरा हाता म हायरे थारा हाता म
फूल हाता म रुपाळी लागै बणजारी
थाणादार सिपाई स्यारा थन बतावै माल……2
थाणादार सिपाई साथा म
फुल हाता रुपाळी लागै बणजारी
लागै बणज्यारी अर लागै बणज्यारी
- तरक माण्डो