हाडोती गीत

म्हनअ अस्या मल्यारी भरतार नतके दारू पीवअ री

म्हनअ अस्या मल्यारी भरतार नतके दारू पीवअ री

म्हनअ अस्या मल्यारी भरतार नतके दारू पीवरि री।
म्हनअ दारूड़्‍यो मल्योरी भरतार नतके दारू पीवअ री॥
दारू पीवअ री, भांग खावअ री।
म्हनअ नसीलो मल्योरअ भरतार नतके दारू पीवअरी॥

साजन लेबा ना आया री भरतार

साजन लेबा ना आया री भरतार ……………….
साजन लेबा नअ आया री भरतार री बाट न्हाळू पीर मअ।
साजन मलबा नअ आया री भरतार री काया सूखी पीर मअ॥

साजन म्हारअ बी लेआओ ब्रेजा कार

साजन म्हारअ बी लेआओ ब्रेजा कार
है साजन म्हारअ बी ले आओ ब्रेजा कार
बातां तो बअठ कार मअ करूं………2
म्हारे सागे बणी मेडमा सब कारां जीबा ले आई।
सरम घणी आवे जी साजन म्हनअ यूं खअ बतळाई॥
म्हारी बात तो मानो जी भरतार………॥

अजी डोला म्हाने बी दिलाओ जी जीओ फोन।

अजी डोला म्हाने बी दिलाओ जी जीओ फोन।
बातां तो विडियो कोल सूं करूं कोल………॥
अगल बगल की सन्दी लुगाइंया मअंगो फोन ले आई।
सरम घणी आई जी म्हानअ जब म्हांसू बतळाई।
जब आपणी कट जावअ जी नाक………….।
बाता तो वाटसब सूं करू…।

म्हनअ अस्‍या मिल्या री भरतार नतकेइ नसो करअ।

म्हनअ अस्‍या मिल्या री भरतार नतकेइ नसो करअ।
नसो-नसो करअ यो नसो करअ, म्हनअ नसीलो री भरतार॥
नतकेइ को नसो करअ म्हारी न म्‍हानअ री भरतार…॥
नतकेइ को नसो……………………………………………॥

भैरूजी म्हारी अरज

भैरूजी म्हारी अरज
ये म्हारी अरज सुणो न माराज रे भैरूजी म्हारी अरज।
घणा ढोक्या देवी-देवता, थानअ खअ यू बताऊं॥
लालो गोदि मअ देख्‍यो नअ माराज रे।
भैरूजी थांका गुण गांऊ…॥

कांई रूप छ रूपाळी पअ नखराळी जादू करगी री

कांई रूप छ रूपाळी पअ नखराळी जादू करगी री
नखराळी म्हारा मनड़ा पअ कांई……………………………॥
ले बेवड़ो जद गोरी पणघटिया नअ चाली।
लचका-मचका चाल चालअ बळ खाती गणगोर री॥
जब हंस-हंस कअ बांता बतळाबा लागी।
जादू करगी री म्हारा दिलड़ा पअ कांई…………………………………॥

थोड़ी थोड़ी गम खाजा बियाण

  1. थोड़ी थोड़ी गम खाजा बियाण

थोड़ी थोड़ी गम खाजा बियाण सरसूं न बक जाबा दै।

थारै साथ करुं रै नखराळी आखातीज आबा दै……. (2)

अर बाजो नाळो ल्याऊ ली आखातीज समेळण म आबा दै।

आबा दै आखा तीज न अर थोड़ी थोड़ी नाचलै ब्याण ठुमका आज

ऐ टी टी बाबु ले सो को नोट

अरै चोत माता क जाबा की या तगड़ी मांची होड़,

माधुपुर का तो सकड़ा पड़ग्या रोड़।

अरै टी टी लेरै सो को नोट जगअ छै म्हांरा

कोडी न भाई म्हांरा हाडोती की मेडम रुकाइदी रेलगाड़ी न ।

अर मुन्डा सूं तो बोल मत दे द्‍यूं भाड़ो, चोत माता की लगन

कोटै चम्बळ प घुमाद्‍यूं ब्याण

जेपर को गळताजी देखी पुस्कर जी को घाट, आगरा को ताजमल

म देख्या तगड़ा ठाट हाडोती म आई जि ब्याण म्हारै आडी

म कोटा चम्बल प घुमांई द्‍युंगु। बैठ बैठ म्हारी गाड़ी म ये कोटा

चम्बल प घुमांई द्‍यूं, बैठ म्हारी गाडी म दो हातां म