म्हनअ अस्‍या मिल्या री भरतार नतकेइ नसो करअ।
नसो-नसो करअ यो नसो करअ, म्हनअ नसीलो री भरतार॥
नतकेइ को नसो करअ म्हारी न म्‍हानअ री भरतार…॥
नतकेइ को नसो……………………………………………॥

दन उगतांई यो ठेका पअ जावअ, जाकर कअ यो दारू पीवअ।
चढ जावअ जद दारू जादा तंगा खातो घरनअ आवअ॥
यो लड़ायां लावअ री हर बार नतकअ नसो करअ।
म्हारो बालम नसीलोदार नतकअ नसो करअ……………………………॥

काम करअ नअ कोड्यां को खतांई उल्टो रो जमावअ।
बातां करअ मोबाइल सूं बेलेन्स उडावअ॥
चलमा गाजां लगावअ लार नतकअ नसो करअ।
म्हारी नअ मानअ भरतार नतकअ नसो करअ………………………………॥

आया गया की कदर नअ समजअ उळ्‍टोई यूं बतळावअ।
ज्याग मअ नूण मरच्यां सब बीतर्या, सरम इनअ नअ आवअ॥
म्हारी कस्यां तो पड़अगी अब पार।
म्हनअ अस्या मिल्या री भरतार नतकअ……………………………………॥
छोको देख्यो खानदान जी जब म्हू इनअ परणाई।
घर की सन्दी चीजां म्हारा डाईजा मअ लाई॥
इनअ म्हारी तो मटारी तार-तार नतकअ को नसो करअ।
म्हनअ मल्यो नसीलो भरतार नतकअ दारू पीवअ॥
म्हनअ अस्या मिल्या री भरतार……………………………………………॥