कांई रूप छ रूपाळी पअ नखराळी जादू करगी री
नखराळी म्हारा मनड़ा पअ कांई……………………………॥
ले बेवड़ो जद गोरी पणघटिया नअ चाली।
लचका-मचका चाल चालअ बळ खाती गणगोर री॥
जब हंस-हंस कअ बांता बतळाबा लागी।
जादू करगी री म्हारा दिलड़ा पअ कांई…………………………………॥

पावां मांई पायल बिछिया, नथ छ नाका माई।
कमर मअ कणकती बांधी, टिकलो सर कअ माई॥
बेणी लागअ छ रूपाळी नागिण सी चोटी।
घायल करगी री नकराळी म्हारा मनड़ा पअ………………….…॥

लागअ नयो फूल खिळ्यो छ अब बागां कअ माई।
भंवरा को बी मन डबलअ छ तितरियां नअ देख्‍याई॥
कोई तोड़ नअ ले फूल बणकर माळी।
जादू करगी री नखराळी म्हारा मनड़ा पअ…………………….……॥

जोबन यो छ गोरी थारा अंग-अंग छलकअ छ
रातां माई सपणा मअ तूई दिखअ छ
म्हारा नेणा मअ बसगी री तू नखराळी
जादू मत करअ री नखराळी म्हारा मनड़ा पअ

कांई रूप छ रूपाळी पअ नखराळी जादू करगी री
नखराळी म्हारा मनड़ा पअ कांई……………………………॥