साजन लेबा ना आया री भरतार ……………….
साजन लेबा नअ आया री भरतार री बाट न्हाळू पीर मअ।
साजन मलबा नअ आया री भरतार री काया सूखी पीर मअ॥
अरअ पअल्यां तो लेबा आवछा अब कांईमी देदी छूट।
जादू जाणअ याकअ करद्यो, ये बणर्या मटेट॥
साजन लेबा तो आजाता भरतार री
सूखी काया पीर मअ………साजन………2
कम उमर मअ सादी करदी नअ राखी री आण।
बाबुल नअ मानी म्हारो म्हूं बणरी अणजा॥
काची कळियां मण्डरावअ भंवरा आर र।
मलबा नअ आया पीर मअ…………॥
टिकलो नथ अर हार गळा को कर लेची सणगार।
रातां माई सपणा आवअ, नरकअ री आर॥
सूरत मुखड़ा नअ बता देता भरतार री।
सूखी काया पीर मअ……….साजन……॥
अरअ बिन पाणी मच्छी तड़पअ छअ तड़पअ म्हारी काया।
ब्याव कर्यां पाछअ भूल्या लेबा क्यों नअ आया॥
तितरियां उडरी छअ फूलां पअ ये जार री।
सूखी काया पीर मअ…………साजन…………॥
बार त्वार सन्दा खडग्य नही करी री बातां।
पावां माई बिछिया चमकी कंगना खन्कयां हातां॥
विडियो कोल करलेता रअ भरतार री।
मलबा नअ आयारी भरतार री…………………॥
बाट न्हाळू पीर मअ…………………………………॥
- तरक माण्डो