जेपर को गळताजी देखी पुस्कर जी को घाट, आगरा को ताजमल
म देख्या तगड़ा ठाट हाडोती म आई जि ब्याण म्हारै आडी
म कोटा चम्बल प घुमांई द्युंगु। बैठ बैठ म्हारी गाड़ी म ये कोटा
चम्बल प घुमांई द्यूं, बैठ म्हारी गाडी म दो हातां म
दोनो ब्याण अर ब्याई अन्टर नेट चलावै वारसप चेटींग तगड़ी
ट्यूटर प बतळावै धीरै धीरै आई ब्याण तू कोटा चम्बल प
घुमांई द्यूं बैठ म्हारी गाडी म वारै म्हांरा ब्याई कद्या न देखी
अस्यो नजारो हाडोती बोली की भासा मन हरल्यो न म्हारो
सरक न ब्याई न चालै म्हांरा आडी न कोटा चम्बल प
घुमांई द्यूं। बैठ म्हारी गाडी म......………....(2)
अरै ओम जी कपड़ा को यो तगड़ो कारोबार राम
जी जसी हालो यो ब्याई छै दिलदार कोटा चम्बल प घुमांई
द्यूं बैठ म्हारी गाडी म......…………….............(2)
सिद्दु जी का चिराग जी का ब्याव मांई
नाच लअ म्हूं बी नाचुं रगीली ब्याण लम्बो घुंगट खांचर कोटा चम्बल
प घुमांई द्यूं बैठ म्हारी गाडी म जेपर का गळताजी देखी
पुस्कर जी को घाट आगरा को ताजमल म देख्यां तगड़ा ठाट
हाडोती म आई जि ब्याण मारै आडी म कोटा चम्बल प
घुमांई द्यूं बैठ म्हारी गाडी म ये कोटा चम्बल प घुमांई द्युं।
बैठ म्हारी गाडी म.....…………………………........2
- तरक माण्डो