म्हारी माता जी क चांदी का किवांड...2
सीमेन्ट की तो मड़ी डागळ्या...।
म्हारी माता जी क हरया- हरया बाग…2
बागा म तो बोलै कोयलड़ी…।
म्हारी माता जी क चुनड़ गोठा दार की
माथा प चमके बीजळा....।
म्हारी माता जी होरी सिंग सवार
दुस्टां का तो कांप्या काळ्ज्या...।
वो डागळ्यां व्ह सिमेंन्ट की डागळ्यां
म्हारी माता जी क सिमेन्ट का किवांड
सिमेन्ट की मेड़ी डागळ्यां…।
म्हारी माता जी क चांदी का किवांड…2
Author
Sanjay Singh
- तरक माण्डो