म्हारी जगदंबा थारो सणगार चोखो लागर्यो… (2)

काना म कुण्डल पैर्यां…॥

आख्यां म काजळ लगायां…॥

माथा प लाल चुनड़ी ओड्या

म्हारी जगदंबा थारो सणगारै चोखो लागै र्यो… (2)

माथा प बिन्दीया चमकै…॥
होठां प लाली, अरै पावां म घूंघरु बाजै…।

म्हारी जगदंबा थारो सणगार चोखो लागर्यो… (2)

नाक म नथली फेरे…॥

हात म चुड़ो चमकै…॥

सेरै पे सवारी थारी होवै रियो

म्हारी जगदंबा थारो सणगार खो लागर्यो… (2)