जीमो जीमो द्‍वारकानाथ कटोरो ल्याइ दूद को भर्यो।

दादो म्हानै धीरै-धीरै बुलावै जद म्हूं आई चाल

जरसी गाइ को दूद तपार म्हूं ल्याइ मसरी डालै

थां कस्यां रूस्या म्हांरा मदनगोपाल कटोरो ल्याइ दूद को भर्यो

यो तो म्हारो कोइनै मदनगोपाल कटोरो ल्याइ दूद को भर्यो

रुखो सूखो राम सोगरो ग्वारफळी रो स्याग कटोरो ल्याइ दूद को भर्यो

यो तो म्हारो कोइलै मदनगोपाल कटोरो ल्याइ दूद को भर्यो

भुखा रूखा थां कस्यां बैठ्‍या छो रुकमणी रा सरकार

भुखा रुखा नइ सरै रै एक दन रो काज

भुखा मरता तो बैठ्‍या दोन्‍नी गाल कटोरो ल्याइ दूद को भर्यो

यो तो म्हारा कोइनै मदनगोपाल कटोरो ल्याइ दूद को भर्यो

स्याम बिआरी दूद अरोगो सांची बात बताऊ

बिना पिलाइ दूद कटोरो पाछी ना लेजाऊं

कटोरो ल्याइ दूद को भर्यो

यो तो म्हारो कोइनै मदनगोपाल कटोरो ल्याइ दूद को भर्यो

दरिया स्याम दुख न सूंणर मसर-मसर मुस्कार

गट-गट दूद पीबा लाग्यां चार भुजा रा नाथ

अर राखरी जी भकता री ज्यांकी लाज कटोरो ल्याइ दूद को भर्यो