दूर खड़ा कांई-कांई सोचर्या छो, ओ सांवरिया भगवान।

सांवरिया ले चल पैली पार, कन्ईया ले चल पैली पार…(2)

ज्हां बराजै राधा राणी अलबेली सरकार

सांवरिया ले चल पैली पार कन्ईया ले चल पैली पार…(2)

गुण अवगुण सारा थारै अरपण

पाप पुण्य सब थारै अरपण

बूद्धि म्हनै सब थारै अरपण

या जिन्दगी धन थारै अरपण

म्हूं थांकी चरणा की दासी म्हारा पराण आधा रै…(2)

सांवरिया ले चल पैली पार, कन्ईया ले चल पैली पार…(2)

थारी आस लगा बैठी, ऊ जगै दुनिया बिसर बैठी …

म्हनै आंगण क तांई सजा बैठी।

तसूं आख्यां लगा बैठी

सांवरिया म्हूं थारी रागंणी तू म्हारो मन हार

सांवरिया ले चल पैली पार, कन्ईया ले चल पैली पार…(2)

दुनिया की कांई परवा कोइनै, थारै सिवा कोई चाअ कोइनै

कोई सूजती गेलो कोइनै म्हारा मन को

म्हारा मन की मनसा याई छै

म्हारा पिरतम, म्हारा कन्ईया

करदो बेड़ा पार सांवरिया ले चल पैली पार…(2)

दूर खड़ा कांई-कांई सोचर्या छो, ओ सावरिया भगवान…(2)

सांवरिया ले चल पैली पार कन्ईया ले चल पैली पार…(2)