ईं गीत म कवि बतार्यो छै क एक लुगाई ऊंका लोग सूं अपणी नणद का बारा म
कांई खैरी छै भाभी।
ये… ये… ये… नणद बाई बर हेरो न बा होग्या जी मोट्यार बलम यांकै हिसाब………2
थांका दोन्यु जोडु हात बाई क बर हेरो न
बर हेरो जी न चोखो सो यांकै घर हेरो न ….2
नणद म्हारी होगी जी हुस्यांर बलम यांकै बर हेरो न… 2
नणद बाई होग्या जी मोट्यार बालम
कांई-कांई हरकत छै साब
आता-जाता उमर बतावै पायल की झणकार…2
मल काच न अब साब या ………2
नरखजी सण्गार.......
चेरा का भावा न मंढदे, चेरा का भावा न पढले
ढूंडो अस्यो चीतर्यो बलम म्हारा होगी न मोट्यार बाई क बर हेरो न…….(2)
उमर न पग हेरो न डेळ पे जोबणयो घर आग्यो
आल-स्याई आख्यां मइ
क पीरीत फांवणो छाग्यो
नरम कलाई चुड़ो फरावै ढूंडो अस्यो लेखेरो बलम म्हारा
होगी न मोट्यार बाई क बर हेरो बलम म्हारा
नणद म्हारी होगी जी हुंस्यार बलम यांकै बर हेरो न………2
काची पाकी नन्दरा म या मीठी मरोड़ा खावे।
मरदानी पगवाळ देख या मन ई मन मुळकावे जी………2
नेण भर्या सपणा सूं देखे
नत ऊट नयो सबेरो बलम म्हारा
नणद म्हारी होगी जी हुस्यार बलम यांकै बर हेरो न …….2
- तरक माण्डो