एक बार की बात छै। एक गांऊ म एक गदो अर एक नार रै छो। एक दन गदो तो चारो चरर्यो छो। तो गदा कतांई चरता-चरता नरोक टैम होग्यो छो। गदो धापग्यो छो। ऊंटी ऊ गेला मसूं नार आयो। नार न कदी बी गदो न्ह देख्यो छो। नार ज्यूंई गदा क गोडै आयो अर खाबा क काण तो उनै देख्यो क आपण तो जंगळ का राजा छां। पण आपण ईसूं छोटा स्याक छां। यो तो आपण सूं ई बडो ज्यानबर छै। इकै तो बडो भारी मूण्डो छै। यो तो कोई बजोक हो सकै छै। एक तो यो आपण ई खाजावै। भागां या सूं। तो नार भाग्यो वांसूं। आगै नार ई गेला म स्वाळ्यो मल्यो। तो स्वाळ्यो कै छै। मामा जी कस्यां भागर्या छै। अरै पूंछै मत भाया मसूं बी जंगळ म ताकतवर ज्यानबर आयो छै। तो स्वाळ्यो कै छै। अजी मामा जी ऊतो गदो छै। उसूं ई डरपग्या थां। नार कै छै न्ह भाया ऊ गदो न्ह हो सकै। न्ह मामा जी ऊ गदो ई छै। न्ह मानै तो चालो मारै लारां। भाया चालु तो सइ पण आपण दोनी एक दूसरा की पुछड़्यां जोड़ल्या पैली। ठीक छै मामाजी। दोन्यां न पूंछड़ी जोड़ली। अब वो दोनी गदा क भड़ै ग्या। तो बातां करता ई ग्या आपण दोनी खाऊंगा। तो गदा न देख्या दोनी, तो गदा न सोंची। यो स्वाळ्यो मरावगो, नार तो भागग्यो छो। पण यो स्वाळ्यो लेर आयो छै पाछो। अब कांई करां अब तो उपरहाळो ई जाणै।
आर गदा न ऊंचो मूण्डो करैर आर जोर सूं बोल्यो -आ…आ…आ…आ…आ, जी पैली आर नार भागै छै वांसू। स्वाळ्यो तो भापडो़ उठतो पड़तो खाळी म झाड़ा म पड़तो़-पड़तो मरग्यो। अर नार न सोंची यो आपण सूं बडो बजोक छै। आपण ई तो खाजावंगो या रअंगा तो। तो आपण तो बन ई छोड़द्या। अर चाला यासूं । तो गेला म कागलो मल्यो। कागला न की ऊतो गदो ई छै। फुफाजी थां उसूं ई डरपग्या। जा जा तू यांसू ऊ गदो होई न्ह सकै। नार कागला की बात न्ह मान्यो। चालो थां कैतो म्हूं ऊंकी लाद खाड लांऊ। राबादै भाया म्हूं तो न्ह जांऊ। न, थां चालगा। तो नार तो घुसर-घुसर ग्यो भापड़ो। अब कागलो घड़ीकतो मूण्डा प बैठै, घड़ीक कान प पूंछ प नाक प अस्यां गदो बावळ्यो करद्यो भापड़ो। अर गदा ई रोस आयो तो गदा न ऊंची पूछ करी तो कागलो पाछै जा बैठ्यो आर गदा न पूंछ सूं कागलो दबा घाल्यो। कागलो फड़-फड़ करैर वांई मरग्यो। अर अटी नार भागै छै ऊंची पूंछड़ी करैर। क यो भारी बजोक छै। मूण्डा सूं खावै ज्ये खावै यो तो पाछै सूं बी खावै छै। नार न ऊ बन ई छोड़द्यो। दुबारा पाछो कदी बी नायो ऊ गदा का डर की मार्या।
- तरक माण्डो