जमानो भागा दोड़ को आग्यो रै बाप क पली बेटा क बुढापो

छाग्यो।

जमानो भागा दोड़ को आग्यो रै ..…(2)

माथा ऊपर सूरज तपतो तो बिन बिस्तर त्यागअ, अर ऊठ जांऊ तो

चाई को प्यालो पली मांगै, यो गुटगो सन्दो खाग्यो रै

बाप क पली बेटा क बुढापो छाग्यो

जमानो भागा दोड़ को आग्यो रै ..…(2)

बुढो बाप करम को भोगी काम करै दन रात, अर हीरो बणर फरै

गूमतो फेर बी नाळो होबा लाग्यो रै, बाप क पली बेटा क

बुढापो छाग्यो ।

जमानो भागा दोड़ को आग्यो रै ..…(2)

न तो गरीब आदमी जग न बड़ो आदमी जग सब क कुल्ला

ऐड्‍यां लागरी छै, अरै बीस बरस की उमर मई आग्या धोळा बाळ,

अरै चरण चरण बुढापो छाग्यो रै मन्दी पड़गी चाल, जीसूं बाप घणो

दुख पाग्यो रै….।

बाप क पली बेटा क बुढापो छाग्यो

जमानो भागा दोड़ को आग्यो रै ..…(2)