डाईजा पअ गीत

ये म्हूं तो सबसूं करूं चूं जी पुकार
सुणल्यो जी सर्जनहार साद्‍यां मअ डाईजो मत ल्यो॥
डाईजो मत ल्यो थां तो डाईजो मत ल्यो……….2

पालां पोंसा लाड लडावां, हिवड़ा को घर बणावां।
यां लछ्‍मयां कअ जनम-जनम को आपण क्यो दाग लगावां॥
ऐ जी लोभी तो होग्यो जी सण्सार।
सुणल्योजी सर्जनहार साद्‍यां मअ डाईजो मत ल्यो॥

ई डाईजा का लेण-देण सूं करजो माथअ होज्या।
चूकअ कोइनअ यो जीवन भर ही देतां देतां मरज्या॥
लोग फेर बी बणर्या छअ ये गवांर।
सुणल्योजी सर्जनहार साद्‍यां मअ डाईजो मत ल्यो।

घर मअ बू नअ माना बेटि समजा नहि पराई।
लेबो-देबो छोडो डाईजा को, मिट जावअ राड़॥
ये बेट्‍यां पअ होजावअ जी घणो उपकार।
सुणल्यो जी सर्जनहार साद्‍यां मअ डाईजो मत ल्यो।

बच्या डाईजा का कुछ रप्या सूं सिक्सा का दीप जळावां।
पढ्‍या लिख्या छोरा छोर्यां नअ आपण योग्य बणावां॥
ये डाईजा पअ रोक तो लगावो सरकार।
सुणल्यो जी सर्जनहार साद्‍यां मअ कोई डाईजो मत ल्यो॥

ये म्हूं तो सबसूं करूं चूं जी पुकार
सुणल्यो जी सर्जनहार साद्‍यां मअ डाईजो मत ल्यो॥
डाईजो मत ल्यो थां तो डाईजो मत ल्यो……….2