बाईर चुल्हा पअ स्याग रान्दती हुयी

घर-आंगणा क्ले गारो गून्दता हुया।

जल पुजा करता हुया

हलवाई रसोई बणातो हुयो

अभेड़ा मअल

भण्डदेवरा मन्दर

गडारिया मादेव कोटा

अबली मीणी को गढ

कोटा का सात अजूबा

गागरून को गढ