गार का चूल्हा पअ चितरकारी मण्डि हुयी।

बाई भींत पअ चितरकारी करती हुयी।

बाई सूखी मरच्यां का बींट तोड़ती हुयी।

भींत का चांदा पअ बाईरां का हात सूं मण्डि चितरकारी।

आंगणा मअ बाईरां माण्ड्‍या माण्डती हुयी।

बाईरां भींत पअ माण्ड्‍या माण्डती हुयी।

परेण्डी पअ पाणी को बेवड़ो धर्यो हुयो।

भंअस को दूद ध्वाती बाईर।

किसोर सागर कोटा।

हाडोती को परसिद खाणो दाळ बाटी चूरमो।